चंचल, बिजली वगैरह को जानना कौनसा ज्ञान है?
यह सवाल तीन तरह से समझना सही रहेगा।
- अगर आप चंचल पदार्थ/बिजली जैसी चीजों का सीधा अनुभव करना चाहते हैं, तो यह सामान्य ज्ञान (mati jnana) के दायरे में आता है— senses और मन के जरिए प्राप्त ज्ञान.
- अगर उसे लिखित शिक्षा, शास्त्रों या बातों से जाना जाए, तो इसे Shruta jnana (श्रुता ज्ञान) कहा जाएगा।
- अगर इन दोनों के अलावा कुछ अणोखा (जैसे दूर से वस्तु देखना— clairvoyance— Avadhi, या दूसरों के विचार जानना— manaḥ-paryāya) जैसे विशेष ज्ञान की बात हो, तो वह Avadhi या manaḥ-paryāya jnana के अंतर्गत आ सकता है; और kevala jnana तो पूर्ण ओम्म्निशन है, जो केवल अविदान प्राप्त जीवों (आर्हन्त/कीवल) को मिलता है।
सरल शब्दों में:
- बिजली/चंचल चीजों का ज्ञान सामान्य या शास्त्रीय तरीके से आ सकता है (mati या shruta jnana).
- यदि कभी extraordinary-ज्ञान की बात आए, तो वह avadhi या manaḥ-paryāya jnana से जुड़ सकता है, पर यह अभी के धर्मग्रंथों में विशेष प्रकार का अधिकतर दुर्लभ योग माना गया है।
- kevala jnana विश्वस्त रूप से सब कुछ जान लेने वाला सर्वोच्च स्रोत है, जो केवल ki eva आणविक-जड़ित मोक्षस्वरूपी अवस्था में संभव मानी जाती है।