वह कौन सी जगह है जहां के जाल में श्रस जीव नहीं होते हैं
वह जगह है सिद्ध Hashi, जिसे जैन धर्म में सिद्ध-लोक (सिद्ध लॊक) या सिद्धाशिला कहा जाता है। यह संसार-पर्याय के ऊपर स्थित वह क्षेत्र है जहाँAMPे मुक्त जीव (सिद्ध) रहते हैं और उनके ऊपर किसी भी कर्माणु के बंधन का प्रभाव नहीं पड़ता—यानी वहां श्रम जीव नहीं फँसते।
व्याख्या:
- मकसद: मोक्ष प्राप्ति के बाद जीव सिद्ध होते हैं और सिद्ध-लोक में निवास करते हैं.
- स्थिति: यहाँ अभी भी जन्म–मृत्यु नहीं होती और karmic बंधन समाप्त हो जाते हैं.
- श्रद्धा में एकरूपता: Digambar और Shwetambar दोनों तरह से सिद्ध-लोक की मान्यता स्वीकार करते हैं, पर कुछ नाम-उच्चारण और वर्णन में परंपरागत भिन्नताएं हो सकती हैं।
संक्षेप में: जिस जगह जाल (कर्म) से सभी बंधन मुक्त होते हैं, वह है सिद्ध-लोक, जिसे कभी-कभी सिद्धाशिला कहा जाता है.