बाहुबली कब मोक्ष गए
बाहुबली मोक्ष कब गए:
- बहुतेरे Jain पुराणानुसार, बाहुबली ने पतन-परंपरा छोड़कर कठोर तप के बाद मोक्ष पाया। वे 12 साल के Kayotsarga (खड़े-खड़े ध्यान) के बाद kevala jnana (omniscience) प्राप्त करने के बाद मोक्ष को प्राप्त मानें जाते हैं, और मोक्ष दक्षिण/उत्तर पर्वत-सिद्ध अस्थापदा-गिरि (अष्टपद) पर हुआ माना जाता है। इस मोक्ष-स्थली का वर्णन Ādi purāṇa जैसे पुराणों में आता है। कहावत के अनुसार वे kailasha/Ashtapada पर मोक्ष को पहुँचे। आप इसे जैन Tradition के अनुसार इसी तरह समझते हैं।
नोट:
- Digambar और Śvetāmbar परंपराओं में कुछ विवरण भिन्न होते हैं, लेकिन दोनों में बाहुबली का मोक्ष होना सामान्य रूप से स्वीकार्य है; जरूरी भिन्नताएं उनके kevala jnana और मोक्ष के क्रम/पहचान में देखने को मिलती हैं—Digambar परंपरा में बहूबलि को इस युग का पहला kevala jņāni और मोक्ष के रूप में मानना प्रचलित है, जबकि Śvetāmbar परंपरा में Bharata आदि के मोक्ष की चर्चा भी मिलती है। फिर भी बाहुबली को मोक्ष प्राप्त हुआ माना जाता है।