प्रश्न 1 :- तृतीयकाल के प्रारंभ में कोन सी भूमि थी ?
तृतीयकाल (या त्रितीय कल्प) के प्रारम्भ में भूमि के बारे में जैन pooँचुसार मान्यता यही है कि जम्बुद्वीप (Jambudweep) ही भूमि का केंद्र था। जम्बुद्वीप ही वह महादेश है जहाँ जीवित प्राणी रहते थे और पृथ्वी-आकाश-समुद्र की रचना क्रमशः वर्णित कथाओं में आती है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- त्रितीयकाल के आरम्भ में एक ही महाद्वीप की व्यापक भूमि-रचना मानी जाती है, और वही जम्बुद्वीप था।
- जम्बुद्वीप के बाहर अन्य द्वीप-खंड भी विवरण में आते हैं, पर प्रारम्भिक धरती का प्रमुख केंद्र जम्बुद्वीप माना जाता है।
यदि आप Digambar बनाम Shwetambar पर अलग-अलग व्याख्याओं के अन्तर भी देखना चाहें, तो बताइए—मैं उसी अनुसार स्पष्ट कर दूँगा।