अनर्थदण्ड का तीसरा भेद कोनसा है ? (अ) पापोपदेश (ब) अपध्यान (स) प्रमादवर्या (द) दुःश्रुति
उत्तर: अपध्यान
स्पष्टता के लिए: अनर्थदण्ड के पाँच भेदों में तीसरा भेद अपध्यान है। (पापोपदेश, हिंसादान, अपध्यान, दुःश्रुति, प्रमादचर्या)।
नोट: Digambar या Shwetambar परंपराओं के अनुसार मुख्य पाठ्य में यह क्रम समान माने जाते हैं।
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