Gangay Kaun se ling se siddh hue
जैन धर्म के अनुसार, 'गंगा' (Gangay) के बारे में यदि आप पूछ रहे हैं कि वे किस लिंग (पुरुष या स्त्री) से सिद्ध हुए, तो जैन आगमों में इस विषय में स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता कि 'गंगा' नामक कोई विशिष्ट सिद्ध पुरुष या स्त्री हुए हों। जैन धर्म के अनुसार, सिद्ध भगवान वे आत्माएँ हैं जिन्होंने कर्मों का क्षय कर मोक्ष प्राप्त किया है, और इनका लिंग (पुरुष या स्त्री) उनकी साधना और मोक्ष-मार्ग में बाधक नहीं होता।
यदि आप 'गंगा' से संबंधित किसी विशेष तीर्थंकर, केवली, या सिद्ध के बारे में पूछना चाह रहे हैं, तो कृपया उनका पूरा नाम या संदर्भ स्पष्ट करें, जिससे मैं आपको अधिक सटीक उत्तर दे सकूं। जैन धर्म में सिद्ध पुरुष और स्त्रियाँ दोनों हो सकते हैं, परंतु 24 तीर्थंकरों में सभी पुरुष थे।
अगर आपका सवाल किसी अन्य संदर्भ में है, तो कृपया विस्तार से बताएं।