मुनिराज का नाम बताइये जिनके सिर पर जलती हुई सिगड़ी रखी गई
मुनिराज जिसका सिर जलती हुई सिगड़ी से झुलसी गई कहानियों में आता है, उसका नाम महात्मा गजसुकुमाल (Gajsukumal) है। कथा के अनुसार वे साधु बने थे और उनके सिर पर पिता‑ससुर ने डरावनी आग डालकर जलाने की कोशिश की, पर शरीर से संतुलन और आत्मा के प्रति उनका विचार यह था कि यदि शरीर जल रहा है तो वह मेरा है ही नहीं, आत्मा तो अजर‑अमर है। इस कारण वे बिना डगमگाए meditating बने रहे।
नोट: Jain ग्रंथों में इस प्रकार की कथाएं अलग‑अलग सन्दर्भों में मिलती हैं; कुछ स्थानों पर ऐसे प्रसंग Digambar‑Śvetāṁbara परंपराओं के अनुसार विवरणित होते हैं।