मुनीराज जिनसे इन्द्रजीत के पुत्र वज्रमाली ने मुनिदीक्षा ली थी ?
Vajrakumar (वज्रकुमार) ने मुनिदीक्षा मुनि धंगिरी (Dhangiri मुनि) से ली थी। यह कथा आचार्य सिं्घिरि के मार्गदर्शन में मुनि धंगिरी द्वारा निभाई गई भूमिका के साथ सामने आती है।
Note: भाव-संस्करण में Digambar/Shwetambar पर महासंस्करणों के बीच नामों या विवरणों में थोड़े-बहुत अंतरों के कारण संस्करणानुसार फर्क आ सकता है, पर प्रमुख कथा यही है कि मुनि धंगिरी ने वज्रकुमार को मुनिदीक्षा दी थी।