आ. पूष्पदंत और भूतबली किस आचार्य के शिष्य थे? आ. पूष्पदंत का नाम किसने और किस कारण से रखा ?
- आचार्य पुष्पदन्त और आचार्य भूतबली किस आचार्य के शिष्य थे?
- दोनों आचार्य धरसेन ( Dharsen) के शिष्य थे। इनके दीक्षा-गुरु आचार्य अर्हद्बली थे, जिन्होंने धरसेन के पास भेजकर इनकी शिक्षण-यात्रा शुरू करवाई। इसके बाद इन दोनों ने धरसेन से श्रुत-अगम सीखकर षट्खण्डागम की रचना में सहयोग किया। (धारणा: इन्हें धरसेन के शिष्य माना जाता है; दीक्षा-गुरु अर्हद्बली थे।)
- आचर्य पुष्पदन्त का नाम किसने और किस कारण से रखा?
- पुष्पदन्त का नाम आचार्य धरसेन ने रखा था। कारण बताया जाता है कि उनके सुंदर दांतों के कारण उनमें पुष्पदन्त (फूल-सी दांत) जैसा वर्णन हुआ, इसलिए यह नाम दे दिया गया। (ध्यान दें: गुरु धरसेन ने ही पुष्पदन्त और भूतबली के नाम निर्धारित किए थे; भूतबली का नाम भी उनके सम्मान में रखा गया।)
यदि आप चाहें, मैं इन घटनाओं से संबद्ध प्रमुख एक-दो स्रोत भी सरल भाषा में बताकर दे सकता हूँ।