Kise chodnewala amar ho jata hai
186
आपका सवाल "किसे छोड़ने वाला अमर हो जाता है" का उत्तर जैन धर्म के दृष्टिकोण से दिया जाए तो:
जैन धर्म में "त्याग" (renunciation) को बहुत महत्व दिया गया है। जो व्यक्ति संसारिक वस्तुओं, इच्छाओं, मोह, क्रोध, माया, लोभ आदि को छोड़ देता है, वही आत्मा की शुद्धि की ओर बढ़ता है। ऐसा व्यक्ति जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर "मोक्ष" या "कैवल्य" प्राप्त करता है, जिसे जैन धर्म में "अमरत्व" (immortality) माना गया है।
उपसंहार: जो "राग-द्वेष" और संसारिक बंधनों को छोड़ता है, वही असली अमरत्व (मोक्ष) को प्राप्त करता है। यही जैन धर्म का मुख्य संदेश है।