Give in Hindi uncommon
कम प्रचलित हिंदी स्तोत्र (संस्कृत मूल के अनुरूप भावना के साथ) — केवल जैन धर्म के अनुरूप समझाने हेतु:
पङ्क्ति: धर्म के दर्पण से जिन-नाम उजागर, अहिंसा-मार्गे निर्भय शुद्ध-चित्त धृतारम। सत्य-पंथ को पथिका बनाऊँ मैं today, सम्पूर्ण संसार में करूँ प्रकाश का प्रहार।
अर्थ:
- धर्म के दर्पण में जैन तीर्थंकरों के नाम की महिमा दिखती है, जिससे मन पवित्र होता है।
- अहिंसा और शुद्धचित्त के रास्ते पर चलना चाहिए; भयमुक्त होकर सत्य का मार्ग अपनाया जाए।
- प्रत्येक व्यक्ति सत्य के पथ पर स्थिर रहे और संसार में आध्यात्मिक प्रकाश फैलाने का प्रयत्न करे।
नोट:
- Digambar और Shwetambar परंपराओं में कुछ शब्दार्थों या पाठ-संरचना में भिन्नता हो सकती है. अगर आप किसी विशेष स्तोत्र या तिरथंकर-नाम का स्पष्टीकरण चाहते हैं, बताएं; मैं उसी के अनुरूप सही arth और मूल पाठ साझा करूंगा।