Uttam kshama mesage In hindi
282
Uttam Kshama (उत्तम क्षमा) Jain dharma में सबसे ऊँची क्षमा है—यानी बिना किसी द्वेष के, पूरी ईमानदारी और शांति के साथ क्षमा करना। यह अहिंसा और परम शांति के मार्ग पर चलने का प्रतीक है।
नीचे हिन्दी में उपयोग करने योग्य एक सरल संदेश दिया है:
- यदि मैंने किसी को ठेस पहुँचाई हो, तो मैं दिल से माफी माँगता/मांoti हूँ। मेरी कोई बात या कर्म यदि आपके लिए कष्टदायक हुआ हो, तो कृपया उसे क्षमा कर दें। मैं आगे से सोच-समझकर बोलने और आचरण करने का प्रयास करूँगा/करूँगी, ताकि हमारे बीच प्रेम, शांति और अहिंसा बना रहे।
फॉर्मल विकल्प (परेणाम/पत्र के लिए):
- मेरे द्वारा आपके प्रति किसी भी शब्द, कर्म या विचार से यदि आपको कष्ट पहुँचा हो, तो मैं उस के लिए सच्चे मन से क्षमा मांगता/मांगती हूँ। मैं भविष्य में और संभलकर व्यवहार करने का प्रण लेता/ लेती हूँ ताकि हम सभी जीवों के प्रति करुणा और अहिंसा बनी रहे।
एक संक्षिप्त संदेश:
- क्षमा मेरे दिल की आवाज है; अगर मैंने कभी किसी को दुख दिया हो, तो कृपया उसे क्षमा कर दें। मैं शांति और सही मार्ग पर चलने का हर संभव प्रयास करूँगा/करूँगी।