पानी में अनंता जीव होते हैं या असंख्यात
हाँ, पानी में भी अनंत जीव होते हैं। जैन धर्म के अनुसार संसार अनंत जीवों से भरा है (anekantavada के अनुसार बहुधा प्रकार के जीव एक साथ रहते हैं)। पानी में रहने वाले जीवों में सूक्ष्म पदार्थों से लेकर छोटे-सार्वजनिक जीव भी आते हैं, जैसे nigoda आदि। इन सबकी संख्या अंयत (अनंत) मानी जाती है.
- основ बात यह है कि सभी जीव जीव-आत्मा होते हैं, भले ही वे कितने छोटे या अदृश्य क्यों न हों।
- Digambar और Shwetambar दोनों इस तथ्य को मानते हैं कि जल, पृथ्वी, आकाश आदि में अनेक प्रकार के जिव रहते हैं; किसी विशिष्ट वर्ग के बारे में विवरण में कुछ मतभेद हो सकते हैं, पर अनंत जीवों की कल्पना सामान्य रूप से साझा है।
अगर आप चाहें, मैं इस विषय पर स्रोत-के अनुसार सरल सार भी दे सकता हूँ या जैन शास्त्रों में जल-जिवों के बारे में स्पष्ट उद्धरण दे सकता हूँ (बस बताइए कि किस शैली में चाहेंगे).