Uttar khasma message to friends
यहाँ कुछ सरल, Jain-dharma के अनुरूप “क्षमा” संदेश हैं जिन्हें आप अपने दोस्तों को भेज सकते हैं:
1) छोटा संदेश
- मैं आपसे क्षमा चाहता/चाहती हूँ। अगर मैंने आपका दिल दुखाया हो तो कृपया मुझें क्षमा कर दें. Michhāmi Dukkadāma.
2) संक्षिप्त मित्र-वार्ता
- हमारे बीच अगर कभी कोई गलतफहमी हो गई हो, तो कृपया मुझे क्षमा करें। चलिए फिर से आपसी प्रेम और शांति के साथ आगे बढ़ें।
3) थोड़ा लंबा, दिल से लिखा हुआ
- मैं आपके प्रति अपने दिल की ईमानदार कृतज्ञता और क्षमा प्रकट करता/करती हूँ। अगर मेरी बात या व्यवहार से आपको दुख पहुंचा हो तो कृपया उसे माफ कर दें. हम सभी से शांति, प्रेम और अहिंसा के मार्ग पर चलना ही सही है। Michhāmi Dukkadāma.
4) एक-दूसरे के लिए शुभकामना के साथ
- क्षमा, प्रेम और शांति से भरा एक नया सफर शुरू करते हैं। अगर मैंने कभी आपको ठेस पहुँचाई हो, तो कृपया मुझे क्षमा करें और साथ में खड़े रहें ताकि हमारी दोस्ती और भी मजबूत बने।
यदि चाहें तो मैं आपका संदेश आपके नाम और कुछ खास भावनाओं के अनुसार निजी बना दूँ।