Image for yttam kshama
यत्तम् क्षमया (यथार्थ क्षमा) का अर्थ है पूर्ण और निष्कपट क्षमा-भाव। जैन धर्म में क्षमा समग्र धार्मिक अभ्यास का केंद्र है—जहर, अहंकार और क्रोध से मुक्त होकर दूसरे पर दया और क्षमा दिखाने को महत्त्व दिया गया है। खासकर प्रायश्चित्त-कर्ता व सामूहिक दैनंदिन जीवन में क्षमा-प्रार्थना और क्षमातत्त्व को ऊँचाई दी जाती है।
Image विचार (यत्ताम क्षमाः के प्रतीक के लिए सरल दृश्य):
- एक जैन त acrylic/फोटोग्राफिक मूर्ति या संत-शिष्य के हाथों में क्षमा का प्रतीक-आचरण (खड़े हाथों में खुली हथेलियाँ) दर्शाया जाए।
- पृष्ठभूमि में शांति-प्रकाश (दीपक या आरती की बत्ती) और थोड़ा धुंधला तीर्थ-यात्रा या जैन मंदिर का संकेत हो।
- जगह पर देवनागरी में शब्द “क्षमा” या “यत्तम् क्षमा” लिखा हो, साथ में छोटा तात्पर्य-वाक्य: “पूर्ण क्षमा से ही आत्मा शुद्ध होती है”।
- रंग योजना श्वेत-स्वर्ण/हल्के नीले-हरे रहस्यात्मक शांतभाव दें, ताकि क्षमा का शांत अखण्ड भाव उभरकर आए।
यदि आप चाहें तो मैं इसी विषय पर सही शब्द-संरचना (स्क्रिप्टूरल पाठ) और Digambar/Shvetambar के मतानुसार भी स्पष्ट अर्थ दे सकता हूँ, या किसी विशिष्ट स्तोत्र/श्लोक के लिए सही पाठ उपलब्ध करवा दूँ।