सुधर्मास्वामी भगवान ने ब्रह्मचर्य के कितने विशेषण बताए है? उन विशेषणों के नाम लिखिए ।
सुधर्मास्वामी जी के ब्रह्मचर्य दिग्दर्शन में ब्रह्मचर्य के दस स्थान बताए गए हैं। उनके नाम इस प्रकार हैं:
1) प्रथम समाधिस्थान निवासस्थान 2) दूसरा समाधिस्थान कथाके विषयमें 3) तीसरा स्थान (स्त्रियोंके साथ व्यवहारसंबन्ध) 4) चौथा स्थान (दृष्टिसंबन्धी) 5) पाँचवा स्थान (विषय-सेवन की मर्यादा और शब्द-प्रकर आदि) 6) छठा-पूर्वावस्थामें 7) सातवां-आहार 8) अष्टमस्थान 9) नवमस्थान 10) समाधिका दशमस्थान
इन दस स्थानों के उद्देश्य यही है कि साधु-संत ब्रह्मचर्य की रक्षा के लिए इन स्थितियों से दूर रहें ताकि वीर्यरक्षा और चित्त-वृत्ति शुद्ध रहे।
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