Message for kshma vani digamber
Digambar Jain समुदाय में क्षमा वाणी (Kshamā Vani) का उद्देश्य सभी जीवों से अपने अनजाने-उपेक्षित आघात के लिये क्षमा मांगना है, और अपने toekomstige व्यवहार में संयम बनाए रखना है। नीचे एक सरल, आदरपूर्ण संदेश का नमूना है जिसे आप अपनी क्षमा वाणी के तौर पर कह或 लिख सकते हैं।
उच्चारण/हिंदी संस्करण (Digambar ढंग से उपयुक्त):
- मैं खुद से, अपने परिवार से, और सभी जीवों से यदि मेरे कारण कभी भी आपको दुःख पहुंचा हो, उसके लिये मैं क्षमाप्रार्थी हूँ। कृपया मुझे क्षमा करें। मैं आगे से विवेकपूर्वक, अहिंसा-परायण और संयमपूर्ण जीवन बिताने का संकल्प लेता/लेती हूँ।
संक्षिप्त शुद्ध संस्कृत-हिंदी मिश्रित नमूना (Digambar भाव के साथ):
- क्षमास्वम आजिताम्। सर्वे जीवाः प्रत्यक्षं वा अप्रत्यक्षं यत् अपि मम। मम दोषाः क्षम्यन्ताम्। अहिंसाभिमुख जीवनस्य संकल्पः।
नोट:
- Digambar tradition में क्षमा वाणी को सकारात्मक आचरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है—भविष्य में गलत मतभेद या हिंसा के बिना जीवन जीने का संकल्प भी साथ हो।
- Swetambar tradition में Michhami Dukkadam शब्द-प्रचलन प्रचलित है, जिसका उद्देश्य भी क्षमा माँगना है; Digambar में इसे अलग तरह से व्यक्त किया जा सकता है, पर अंत लक्ष्य वही है: क्षमा माँगना और सुधरना।
अगर आप चाहें, मैं आपके नाम, परिवार या खास घटनाओं के अनुसार यह संदेश व्यक्तिगत बनाकर दे दूँ।