Uttradhyan book available
हाँ, Uttaradhyayan Sutra (Uttraradhyayan) उपलब्ध है۔ यह Jain परंपरा के पुराने और प्रमुख पाठों में से एक है और इसे Digambar तथा Śvetāmbara दोनों परंपराओं में अलग-अलग संस्करणों से पढ़ा/मिलता है। आजकल इसे विविध भाषाओं में editions, अनुवाद और डिजिटल फॉर्मेट में पाया जा सकता है (हिंदी, गुजराती, अंग्रेजी आदि सहित)।
कई आधुनिक प्रकाशनों में Uttaradhyayan Sutra के पाठ के साथ टीका/व्याख्या भी मिलती है, और ऑनलाइन डिजिटल प्रकाशनों में भी इसकी प्रतियाँ उपलब्ध हैं। अगर आप चाहें, मैं आपके लिए यह बताने के लिए देख सकता हूँ कि आपके क्षेत्र में कौन-कौन से ठीक-ठाक संस्करण अब उपलब्ध हैं और कहां डाउनलोड/देखे जा सकते हैं।
नोट: JainDharma के अनुरूप, कुछ विशिष्ट संस्करण Digambar/Śvetāmbara परंपराओं के हिसाब से पाठ-परिवर्तनों के साथ मिलते हैं; अगर आप चाहे तो मैं उसी अनुसार साफ-साफ पहचान करके बताऊँगा कि किस संस्करण में क्या पाठ है।
अगर आप चाहें, मैं अभी आपके लिए हाल के उपलब्ध प्रमुख संस्करणों की सूची और वे कहाँ मिलते हैं, यह दिखाने वाला संक्षिप्त मार्गदर्शन दे सकता हूँ।