सेब के एक बी में कितने जीव होते हैं
सेब के एक बी में आम तौर पर एक जीव (जीवात्मा) माना जाता है। Jain दर्शन के अनुसार पौधों में भी जीव होते हैं और उनके पास केवल एक संवेग (स्पर्श) जैसी सीमित अनुभूति होती है, जबकि अधिक उन्नत जीवों के पास अधिक संवेग होते हैं। अतः एक बी में एक ही जीव होता है (पौधे के जिव में सामान्यतः एक ही ज्ञानेंद्र या स्पर्श-संवेग होता है), और इसे पौधा होने के कारण अभी जागृत नहीं होता—जैसे ही अंकुर बनता है, तब उसका प्रवर्तन और التطور शुरू होता है।
ध्यान दें:
- Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं में पौधों के जिव को लेकर प्रमुख विचार समान रहते हैं, लेकिन विवरणों में सूक्ष्म भिन्नताएं हो सकती हैं।
- अगर आप चाहें तो मैं इन विषयों के शास्त्रीय पाठों के सही उपाख्यान (arth) और उद्धरणों के साथ सरल व्याख्या दे सकता हूँ।