सब के एक बीज में कितने जीव होते हैं
जैन दर्शन के अनुसार बीज (बीज एक पदार्थ/अजिवी वस्तु है) में किसी निश्चित संख्या के जिव नहीं घोषित की जाती। यह बात इस तरह समझी जाती है:
- बीज आम तौर पर एक अजिव पदार्थ है, और उसमें सूक्ष्मजीव आदि जीव-लोक के तत्व हो भी सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं, यह स्थिति पर निर्भर है।
- जैन धारा में हर जीव के प्रति करुणा आवश्यक है, लेकिन किसी खास बीज में कितने जिव होंगे—या होंगे ही या नहीं—की कोई सार्वत्रिक निश्चित संख्या नहीं बताई गई है।
अगर आप चाहें, मैं इस विषय से संबंधित Jain सूत्र–सूची या शास्त्रों के अनुसार विस्तार से अर्थ प्रस्तुत कर सकता/सकती हूँ।