चीटियां कौन से जीव कहलाती है
चे्तियाँ ( ants ) जैन धर्म के अनुसार एक प्रकार के जीवन-मालिक आत्मा (जीव) हैं. वे बेहद छोटे रूप में रहते हैं, फिर भी उनमें आत्मा कहीं न कहीं सचेतना और कर्मफल के कारण आय-उत्थान होते रहते हैं. इसलिए चींटियाँ भी जिव-जीव हैं और उन्हें चोट पहुँचाने से अहिंसा के नियम का उल्लंघन माना जाता है.
- जैन धर्म में हर जीव, चाहे छोटा हो या बड़ा, बराबर आत्मा है और उसे मारना/नुकसान पहुँचाना अहिंसा के नियम के खिलाफ है.
- सन्तोष और करुणा के भाव से चींटियों सहित सभी प्राणियों के प्रति उचित व्यवहार करना चाहिए.
अगर आप चाहें, मैं जैन धर्म के अनुसार जिव (जीव) के वर्गीकरण या चींटियों सहित अन्य छोटे जीवों के संबंधित शास्त्री पाठ का संक्षेप Arth दे सकता/सकती हूँ. आप कहिए, मैं सीधे स्पष्ट कर दूँगा/दूँगी.