Mahveer prabhu k charitra me aane wale chaitya k naam
भगवान महावीर स्वामी के चरित्र में जिन-जिन चैत्य (तीर्थ या पवित्र स्थल) का उल्लेख आता है, वे मुख्य रूप से उनके जीवन की प्रमुख घटनाओं और प्रवास स्थलों से संबंधित हैं। भगवान महावीर के जीवन के प्रमुख चैत्य निम्नलिखित हैं:
- कुण्डलपुर (कुण्डलग्राम) – यह भगवान महावीर का जन्मस्थान है।
- वासोकुण्ड – यहाँ उनका बचपन बीता।
- नालंदा – यहीं पर उन्हें दीक्षा (संन्यास) प्राप्त हुआ।
- ऋजुपालिका नदी – यहाँ उन्होंने दीक्षा के बाद प्रथम आहार (भोजन) ग्रहण किया।
- राजगृह – यहाँ भगवान महावीर ने चातुर्मास (वर्षायोग) किया और उपदेश दिए।
- पावापुरी – यही उनका निर्वाण स्थल (मोक्षस्थल) है।
- कौशाम्बी, श्रावस्ती, मिथिला, चम्पापुरी, वर्धमानपुर आदि – ये भी भगवान महावीर की चर्या में आए तीर्थ-स्थल हैं, जहाँ उन्होंने उपदेश दिए और संघ की वृद्धि की।
इन चैत्य स्थलों का जैन धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि ये भगवान महावीर के जीवन और उनके उपदेशों से जुड़े हुए हैं।