Upsham Sambhar Vivek ine teen shabdon se kiski Atma jagrit Hui
Upsham Sambhar Vivek इन तीन शब्दों से अचलगच्छ के महान आचार्य श्री हेमचंद्राचार्य जी की आत्मा जागृत हुई थी।
जैन परंपरा के अनुसार, आचार्य हेमचंद्रजी जब बालक अवस्था में थे, तब उनके गुरु देवचंद्रसूरीजी ने उन्हें "उपशम", "संभर", और "विवेक" ये तीन शब्द बताए, जिनके अर्थ और महत्व जानकर उनकी अंतरात्मा में वैराग्य और ज्ञान की जिज्ञासा जागृत हुई। इसी से उनका जीवन मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर हुआ।
संदर्भ:
- जैन धर्म का साहित्य और इतिहास
- आचार्य हेमचंद्रजी की जीवनी