why is atichar in hindi
अतिचार (अतिक्रम/अतिचार) क्या है
- अतिचार कहलाता है छोटे-छोटे पाप-उल्लंघन जो मुख्य व्रतों ( vratas ) के साथ हो जाते हैं, यानी व्रत के भीतर होने वाली छोटी चूके/भूलें।
- यह मुख्य vow (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह—aani अनुव्रत) के साथ होने वाले सामान्य दुरुपयोग या त्रुटियाँ होते हैं, जिन्हें ठीक करना व शुद्धि के लिए आवश्यक माना जाता है।
हिंदी में आसान विचार
- मान लीजिए आप अहिंसा के लिए एक नियम निभा रहे हैं, पर किसी हल्की-सी झूठी बात या छोटा सा गलत व्यवहार भी हो जाए, तो वही अतिचार है। ये छोटे उल्लंघन cumulatively karmic bondage बना सकते हैं, इसलिए उनका भी पारायण/समाधान ज़रूरी माना गया है।
ध्यान देने योग्य बातें
- अतिचार की कुछ लोकप्रिय मिसालें: छोटी चोट, असावधानी से किसी का नुकसान, नियम-उल्लंघन के कारण होने वाला एक-घटाने नुकसान आदि—ये सब मुख्य vow को पूरी तरह से नहीं टूटते, पर उनकीpurity को प्रभावित कर सकते हैं।
- वेHouseholders (Śrāvakas) और ascetics दोनों के लिए मान्य हैं, और प्रत्येक व्रत के भीतर अलग-अलग प्रकार के अतिचार बताए जाते हैं। इसे समझकर अपने कर्म-बंधन को कम करना目的 है।
कृष्णन/दिशा-निर्देश
- अतिचार पर विचार करके उसे स्वीकार करना, उसका क्षमा/प्रायश्चित्त करना और फिर सही रीति से आचरण करना Jain मार्ग का महत्त्वपूर्ण भाग है।
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