saddhu sadvis jain
सद्धु (Saddhu) और सद्धवी (Sadvi) जैन धर्म के मेंRenunciants हैं।
- Saddhu: पुरुष संन्यासी, जो गृहस्थ जीवन छोड़कर तीर्थयात्रा, तप, पंच प्राणवर्जन और अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं। वे सामान्यतः विक्षेप/उद्योग से दूर रहते हैं और चारित्रिक कठिन vows मानते हैं (जैनTraditions के भीतर कुछ व्यवहारिक अंतर Digambar बनाम Shwetambar में हो सकते हैं).
- Sadvi: महिला संन्याासी। जैन धर्म में सद्धवी भी तपस्विनी के समान चरित्र और व्रत धारण करती हैं।
Digambar बनाम Shwetambar के बीच मुख्य अंतर संन्यास के नियमों और महिलाओं की स्थिति में है:
- Digambar परंपरा में पुरुष संन्यासियों के लिए भिखारी वस्त्र पहनना (या नग्न रहने) का संकेत कुछ तत्त्वों में मिलता है, और पारंपरिक रूप से सद्धवी की स्थिति पर भी कठोर व्याख्या होती है; कुछ मतों में महिलाओं के लिए पूर्ण संन्यास (जैन साध्वी) की अनुमति नहीं मानी जाती, पर वैचारिक बहसें हैं।
- Shwetambar परंपरा में सद्धवी/साध्वी की मान्यता है और महिलाओं को भी संन्यास पाने की अनुमति दी जाती है। उनके लिए विशिष्ट भिक्षापन, उपवास, और अन्य vows होते हैं।
अगर आप चाहें, मैं इन दोनों परंपराओं के सिद्ध सत्र (सिद्धांत) या पाठ-उल्लेखों के बारे में सरल शब्दों में और विस्तार से समझा दूँ—या यदि आप किसी खास संन्यास शाखा (Digambar या Shwetambar) का विवरण चाहते हैं, बताइए।
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