Kya mahavir bhagwan sabko pyaar karte hein
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हाँ. महावीर भगवान सब जीवों से प्रेम, करुणा और समानता दिखाते थे. उनके शिक्षण का मूल यही है कि हर प्राणी सम्मान और कल्याण के योग्य है, और अहिंसा (हिंसा का नहीं) ही प्रेम का मार्ग है. ပြGlow
- वे सभी जीवों के लिए मैत्री, करुणा और सम्मान चाहते थे, चाहे वह मनुष्य हो या अन्य जीव।
- उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत भक्ति नहीं, बल्कि सभी जीवों का मोक्ष और कल्याण था—इसलिए वे प्रेम को जीवन के हर क्षण में पेश करते थे, विचार, वाक्य और कर्म में अहिंसा की साधना के माध्यम से.
विभिन्न संप्रदायों में थोड़े-बहुत व्याख्यात्मक भिन्नताएं हो सकती हैं, पर मूल संदेश यही है: universal love (सर्वजंतु के लिए करुणा) और सभी के कल्याण के लिए जीवन व्यापन.
अगर आप चाहें, मैं इस विषय पर सीधे जैनज्ञान डॉट कॉम की उपयुक्त पेज का संदर्भ दे सकता/सकती हूँ।