जैन कौन है
जैन कौन है?
- जैन वे व्यक्ति होते हैं जो जैन धर्म (जैन धर्मशास्त्र) के अनुसार जीवन जीते हैं। जैन धर्म के अनुसार हर जीव आत्मा है और उसे मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त करनी चाहिए।
- मुख्य आदर्श: अहिंसा (हिंसा से परहेज), अनेकार्थवाद (सत्य को एक-ciन दृष्टि से समझने की कोशिश; सत्य के कई पहलू होते हैं), अपरिग्रह (अनावश्यक वस्तुओं से दूरी), सत्य, ब्रह्मचर्य आदि।
- जैन धर्म के 24 तीर्थंकर होते हैं; महावीर जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं। हर तीर्थंकर ने ज्ञान, नैतिकता और साधना के मार्ग बताए।
- दो प्रमुख संप्रदाय: दीगंबर (Digambara) और श्वेतांबर (Śvetāmbara)। इनके वस्त्र-आचार, धर्मग्रंथों की परंपरा, और कुछ अभ्यासों में भिन्नताएं रहती हैं, पर दोनों ही जैन सिद्धान्तों को मानते हैं।
- साधना और समाजीकरण: साधु-साध्वी कठोर तप और वैराग्य अपनाते हैं; गृहस्थ आजीविका, परिवार और पांच महा-व्रत (पाँच प्रमुख vows) के साथ जैन मार्ग का पालन करते हैं।
- लक्ष्य: जीव के जन्म-जनम के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त करना, सही विश्वास, सही ज्ञान और सही आचरण के तीन मार्गों (त्रिकाल) के अनुसार जीवन जीना।
यदि आप चाहें, मैं जैन धर्म के इन विषयों के बारे में सरल-सार संयुक्त पाठ दे सकता/सकती हूँ या किसी विशेष उपदेश/शास्त्र पर स्पष्ट कर सकता/सकती हूँ।