तलवार चाकू चोरी आदि हिंसाकारी शास्त्रों का प्रयोजन से अधिक संग्रह करना इस अर्थ को बताने वाला जैन संस्कृत भाषा का शब्द बताएं
संक्षम शब्द: हिंसासंग्रह (हिंसा + संग्रह)
- अर्थ (arth): यह शब्द हिंसा या हिंसात्मक शास्त्रों/सामग्री को अत्यधिक इकट्ठा करने, संग्रहीत करने के भाव को व्यक्त करता है—यानी बिना सार्थक उद्देश्य के हिंसक साहित्य या वस्तुओं को अधिक से अधिक जमा करना। जैन अवधारणा में इसका तात्पर्य अहिंसा के मूलभूत सिद्धांत के विपरीत, violence के प्रसार और संग्रह पर केंद्रित क्रिया केखिलाफ होता है।
यदि आप Digambar बनाम Śvetambar पर اختلاف के बारे में जानना चाहें, तो इस प्रकार के एक-सार्थक शब्द की व्याख्या सामान्यतः दोनों पर समान रहती है—परन्तु प्राथमिक स्रोत-आधार के अनुसार कुछ क्षेत्रीय अर्थ/उच्चारण भिन्न हो सकते हैं।
और कुछ सुझाव:
- हिंसासंग्रह के अलावा, व्यवहारिक रूप से विपरीत目的 हिंसा/चयन से बचने के लिए आमतौर पर “अहिंसा” (non-violence) का आग्रह ही प्राथमिक है; इस शब्द के विपरीत भाव को व्यक्त करने के लिए हिंदी-उच्चारण में भी हिंसा/विकल्पन के प्रकारों को साधारण रूप में वर्णित किया जाता है।
अगर आप चाहें, मैं इस विषय से जुड़ी Jain scripture-स्थित व्याख्या या संदर्भ स्पष्ट करके दूँ—बस कह दें।