कौन कोई का मास्टर का स्वर्ग में देवहुआ
आपका प्रश्न स्पष्ट नहीं लग रहा है। कृपया सही शब्दों में दोबारा पूछें ताकि मैं जैन धर्म के अनुरूप स्पष्ट उत्तर दे सकूं।
संक्षिप्त जैन-संदर्भ में जो बातें सामान्य रूप से मानी जाती हैं:
- जैन मान्यता के अनुसार स्वर्ग (देव-लोक) एक संसारिक क्षेत्र है, जहाँ देवतागत जीव रहते हैं और वे कर्म-फल से ज़िन्दगी जीते हैं।
- मोक्ष (सिद्धि) केवल आत्मा के पूर्ण संकल्प, शुद्धिकरण और तीर्थंकरों जैसे पूर्ण आत्म-ज्ञान पाने से मिलता है; देव-लोक में रहने वाले जीव मोक्ष नहीं पाते, वे अपने कर्म-फलों के अनुसार स्थान-काल से बंधे रहते हैं।
- अगर आप किसी विशिष्ट स्तोत्र,sutra, या कथा के बारे में पूछ रहे हैं (जैसे किस मास्टर/ Guru ने किस स्वर्गलोक में जन्म या देव-प्राप्ति पाई), तो कृपया वही संदर्भ स्पष्ट शब्दों में दें।
आप चाहें तो स्पष्ट वाक्य में बताएँ कि किस मास्टर, किस ग्रंथ, या किस कथा की बात कर रहे हैं, ताकि मैं उसी को सही धारणाओं के साथ सरलता से समझाकर उत्तर दे सकूँ।