Samavsaran me kul kitne pagathiye hote he
समवसरण (Samavasaran) जैन धर्म में वह दिव्य सभा है, जहाँ तीर्थंकर केवलज्ञान प्राप्ति के पश्चात् सभी जीवों को उपदेश (धर्म-देशना) देते हैं। समवसरण में कुल तीन पगडंडियाँ या पगथियॉं (सीढ़ियाँ या स्तर) होती हैं।
ये तीन पगथियॉं (Pagathiya) निम्नलिखित हैं:
- प्रथम पगथिया (First Step): यहाँ मनुष्य, तिर्यंच (पशु-पक्षी इत्यादि), और देवगण (निचले स्तर के) बैठते हैं।
- द्वितीय पगथिया (Second Step): यहाँ उच्च कोटि के देवगण (इन्द्र आदि) और कुछ विशेष आत्माएँ बैठती हैं।
- तृतीय पगथिया (Third Step): यहाँ तीर्थंकर स्वयं विराजमान होते हैं, जहाँ वे धर्म-देशना देते हैं।
इस प्रकार, समवसरण में कुल तीन पगथियाँ होती हैं।