Tirth stan k nam
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जैन धर्म में तीर्थस्थान (Tirth Sthaan) वे पवित्र स्थल हैं जहाँ तीर्थंकरों या अन्य महान आचार्यों ने जन्म, दीक्षा, केवली ज्ञान, या मोक्ष प्राप्त किया या जहाँ उनकी महत्वपूर्ण लीलाएँ हुईं। कुछ प्रमुख जैन तीर्थस्थानों के नाम इस प्रकार हैं:
- श्री सम्मेद शिखरजी (झारखंड) – 20 तीर्थंकरों का मोक्ष स्थल
- श्री पावापुरी (बिहार) – भगवान महावीर का निर्वाण स्थल
- श्री शत्रुंजय (पलिताना, गुजरात) – भगवान ऋषभदेव और अनेक तीर्थंकरों का तप स्थल
- गिरनारजी (गुजरात) – भगवान नेमिनाथ का मोक्ष स्थल
- अभयगिरि (आबूजी, राजस्थान) – भगवान आदिनाथ के चरण
- श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) – भगवान बाहुबली का 57 फीट ऊँचा प्रतिमा स्थल
- राजगढ़ (मध्य प्रदेश) – भगवान पार्श्वनाथ का जन्म स्थल
- हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश) – अनेक तीर्थंकरों की जन्म-भूमि
- कुंडलपुर (मध्य प्रदेश) – भगवान आदिनाथ का तीर्थ
- कांकरौली (राजस्थान)
- महुवाद (गुजरात)
- सोनागिरि (मध्य प्रदेश)
- देवलिया (गुजरात)
- मोहनखेड़ा (मध्य प्रदेश)
- रणकपुर (राजस्थान)
ये केवल कुछ प्रमुख तीर्थ हैं; जैन धर्म में भारत और विश्वभर में हजारों तीर्थ स्थल हैं। प्रत्येक स्थान का अपना ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है।