दिगंबर मुनिराज की बाहरी पहचान क्या है
संक्षेप में बताया जाए तो दिगंबर मुनिराज की बाहरी पहचान इस प्रकार मानी जाती है:
- वस्त्र-निर्मुक्त अवस्था: दिगंबर मुनि लगभग naken रहते हैं; वे वस्त्र नहीं पहनते (श्वेतांबर संघ की तरह सफेद कपड़े नहीं पहनते) और इस कारण उनकी देह दिखाई रहती है।
- नंगे पाँव यात्रा: वे शरमाये बिना barefoot (जूतों-चप्पलों के बिना) चलते हैं।
- साधारण सरल साधन-सामग्री: वे एक छोटा डंड (दमद) और संभवतः एक कलश/कंमंडलु जैसे साधारण सामान साथ रखते हैं; कुछ उन्हीं के संग बटिया/झाड़ू जैसी सामग्री भी साथ हो सकती है ताकि भूमि पर पड़ने वाले अशुद्ध पदार्थों को साफ किया जा सके।
- महिलाएँ दिगंबर मुनि नहीं बन सकतीं: यह एक अहम सार तत्व है; दिगंबर मुनि पुरुष होते हैं और महिलाओं के लिए दिगंबर मर्मतर (संस्था) में प्रवेश सीमित होता है।
ध्यान दें:
- श्वेतांबर (Shwetambar) के मुनि-आचार में कपड़े पहनना सामान्य होता है, इसलिए बाहरी पहचान उनके लिए भिन्न होगी (उन्होंने सफेद वस्त्र धारण किए होते हैं)।
- यदि किसी रीति-मत-परंपरा में स्थानीय संप्रदाय के अनुसार कुछ स्पष्ट भेद दिखें, तो उसे Digambar/Shwetambar दोनों के भीतर के निरपेक्ष सिद्धांतों के अनुरूप समझना चाहिए।
यदि आप चाहें, मैं इसे Digambar और Shwetambar दोनों पर स्पष्ट तुलनात्मक बिंदुओं के साथ और सरल शब्दों में विस्तार से समझा दूँ।