जैन धर्म में कितने गछ हैं
संक्षेप में:
- जैन धर्म के प्रमुख दो गच्छ (गचलियाँ) हैं: दीगंबर (Digambara) और श्वेताम्बर (Śvetāmbara)।
- इनके भीतर श्वेताम्बर में अनेक उप-गच्छ/कायस्थियाँ मौजूद हैं (जैसे स्थानकवासी, मुर्तिपूजक आदि), जबकि दीगंबर में भी कुछ उप-गच्छ व्यवहार में दिखते हैं।
ध्यान दें: गच्छ-विधान से आचार-प्रणाली और साधना-रীতি में थोड़े फर्क होते हैं, पर सभी जाति/सम्प्रदाय एक ही स्वतंत्र आचार-संहिता के अनुरूप प्रमस्तिष्क रहते हैं।