Shubh gandh lekar aa gya hu ye shabd konsi puja me atey hai
ये वाक्य “Shubh gandh lekar aa gaya hu” आम तौर पर हिन्दू पूजा-परंपरा में सुना जाता है, खासकर जब कोई सुगंध या गौरोप/चंदन आदि लेकर आता है। जैन धर्म की पूजा-पाठ में इस प्रकार का वही पाठual वाक्य नहीं चलता।
अगर आप पूछ रहे हैं कि जैन पूजा में कौन से किन्हीं खास शब्द या मन्त्र इस्तेमाल होते हैं, तो मैं खुशी से साफ-साफ बताऊँगा:
- नमोर्कर (Namokar Mantra) आदि जैन धम्म के प्रमुख स्तोत्र-कीर्तन में आते हैं।
- पंच परमेष्ठी, मुनि-मदन आदि की आराधना के लिए अलग पाठ होते हैं।
- जैन आरती, स्तुति-गान Digambar/Shwetambar में अलग तरह से होते हैं, पर “Shubh gandh lekar aa gaya hu” ऐसा एक व्यापक पाठ नहीं माना जाता।
यदि आप चाहें, मैं खास तौर पर Digambar या Shwetambar परंपरा के संस्कृत/पदों के अनुसार पूजन पाठों के बारे में सरल और स्पष्ट सार दे सकता हूँ।