शत्रुंजय पर आदिनाथ जी के कितने कल्याण हुए
Adinath (Rishabhanath) के सभी 24 तीर्थंकरों के जैसा, उनके भी पांच कल्याणक (Pancha Kalyanaka) होते हैं. ये पाँच बाल्यावस्था/कल्याण हैं:
- गर्भकल्प (Garbhakalyanak) – गर्भ में आरम्भ
- जन्मकल्याणक (Janm Kalyanak) – जन्म
- दीक्षा कल्याणक (Diksha Kalyanak) – संन्यास/दीक्षा
- केवलज्ञान कल्याणक (Kevalajnana Kalyanak) – kevalajnana प्राप्ति
- मोक्ष कल्याणक (Moksha Kalyanak) – मोक्ष/निर्वाण
Shatrunjaya पर आदिनाथ जी के ये कल्याण एक स्थान विशेष में हुए, इसका कथन पुराणिक/textual स्रोतों में नहीं दीखता; यह स्थल पवित्र तीर्थस्थान है जहाँ आदिनाथ जी के असीम आशीर्वाद, शिक्षा और महिमा स्थापित हैं, पर पाँचों कल्याणक की घटनाओं की विशिष्ट संख्या Shatrunjaya से जुड़ी नहीं मानी जाती। कुल मिलाकर, आदिनाथ जी के पंचकल्याणक सभी तीर्थंकरों के समान सार्वत्रिक घटनाक्रम माने जाते हैं, और किसी एक स्थल पर इनकी गिनती निर्धारित नहीं की गई है।