Navkaar in hindi
Navkaar (Namokar) मंत्र Jain धर्म में सबसे महत्वपूर्ण प्रणाम मंत्र है। नीचे हिंदी में पूरी पाठ और सरल अर्थ दिया गया है. कुछ जगह अक्षरों में Digambar/Shwetambar पर थोड़े-से उच्चारण भिन्न हो सकते हैं, पर मूल विचार समान है।
पाठ (Navkaar Mantra in Hindi - Prakrit/Nāmo kāra לע) णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहुणं एसो पंच नमोकारो सव्व पाव प्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढ़मं हवई मंगलं
arth ( सरल अर्थ )
- मैं अरिहंतों को नमन करता हूँ.
- मैं सिद्धों को नमन करता हूँ.
- मैं आचार्यों को नमन करता हूँ.
- मैं उपाध्यायों को नमन करता हूँ.
- मैं सभी साधुओं को नमन करता हूँ.
- ये पाँच नमस्कार पावन आत्माओं के लिए हैं.
- इनसे सभी पाप नष्ट होते हैं.
- इन्हीं में सबसे पहले मंगलकारी है.
नोट
- Navkaar एक ही पाठ है जिसे कई पाठों में छोटे-छोटे बदलाव के साथ लिखा जाता है (जैसे उवज्जायाणं के स्थान पर उवज्झायाणं आदि)। पंक्तियाँ ऊपर दिए गए रूप में सामान्यतः प्रचलित हैं।
- Digambar/Shwetambar पर उच्चारणों में कुछ मामूली भिन्नताएं मिल सकती हैं, पर आध्यात्मिक उद्देश्य वही है: पांच परमेष्ठी को नमन कर मोक्ष की बhouत को प्राप्त करना।
अगर आप चाहें, मैं इसी मंत्र का सरल उच्चारण मार्गदर्शन (upaahaar/mala) भी दे सकता/सकती हूँ।
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