Shripal raja kaya dev na yaad karta hata
हाँ. Shripal राजा और उनकी रानी Mayanasundari ने Navpad (Navpada/Navachakra) की आराधना करी थी। कथा के अनुसार Navpad एक एक रूप बनाकर याद किया गया था—यानी Shripal–Mayanasundari ने Navpad को Banavelu एक रूप के रूप में स्थापित किया। Navpad का मतलब नौ देवताओं के उस समूह से है जो Navkar mantra से जुड़ा है, और यह कथा Śvetāmbara/ Digambar परंपराओं में थोड़ा-सा भिन्न वर्णित होती है, पर मूल भावना वही है: श्रद्धा, तप और Navpad की आराधना से पुण्य प्राप्त होता है। आप इस बारे में फिर से Shripal Mayanasundari Ras/कथा में देख सकते हैं.