ॐ ही श्रीं अर्ह नमः इस मंत्र का जाप के क्या फल है
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यह मंत्र “ॐ Namo Arihantanam Namah” (आप ने जो लिखा है उसका छोटा रूप है) को जैन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसका अर्थ और फल नीचे सरल शब्दों में है:
- معنى (arth): मैं Arihant (जो स्वयं की घटनाओं से मुक्त हो चुके enlightened) को प्रणाम करता/करती हूँ और OM का सम्मान करता/करती हूँ। इसका लक्ष्य श्रावक के मन, चित्त और आचरण को शुद्ध करना है।
- फायदे (फल):
- किन परिस्थितियों में सुनें/जाप करें:
यदि आप चाहें, मैं इस मंत्र का शुद्ध मूल पाठ और अर्थ ( Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं के अनुसार) भी दे सकता/सकती हूँ।