नवकार में चूलिका
आपके सवाल में “नवकार में चूलिका” से शायद मतलब समझ नहीं आ रहा है। सामान्य Jain भावनाओं के संदर्भ में:
- नवकार मन्त्र वह पाँचों के प्रति सम्मान को व्यक्त करता है: Arihanta, Siddha, Acharya, Upadhyaya, और Sadhu (साधु-मण्डली).
- “चूलिका” शब्द मानक नवकार मन्त्र के साथ नहीं जुड़ा हुआ है; अक्सर कुछ editions या व्याख्याओं में पाठ से पहले या बीच में जो टिप्पणियाँ/प्राक्कथन होते हैं, उन्हें लोग चुलिका/प्राक्कथन라고 बोल लेते हैं, पर वे मन्त्र का भाग नहीं होते।
यदि आप चाहें, मैं आपको नवकार मन्त्र का सही पाठ (देवघर/दिगंबर-श्वेतांबर के अनुसार सामान्य रूप) और उसका सही अर्थ (आर्थ) साफ-साफ दे सकता हूँ।