दहेज के बदले जैन मंदिर का निर्माण करनेवाली जैन श्राविका का नाम
Pisanhari Ki Marhia (Pisanhari) — यह नाम जैनShrāvika का माना जाता है जिसने 15वीं शताब्दी में जबलपुर (मध्य प्रदेश) स्थित पिसनहारी ki मढ़िया मंदिर का निर्माण अपने बचे हुए पैसे से कराया था। इस कथा के अनुसार उसने आटे पीसकर कमाई की बचत temple निर्माण के लिए दे दी। यह कथा Digambar Jain परंपरा से जुड़ी मानी जाती है।
नोट: कई जगहों पर कहा गया है कि मंदिर का निर्माण एक गरीब महिला ने किया था, और यह कहानी उसी पिसनहारी से जुड़ी है। दहेज के बदले मंदिर बनाने जैसी बात का मूल रूप से उल्लेख लोकप्रिय Jain साइटों में कम मिलता है; आम तौर पर इसे अन्न-उद्योग के जरिए बचत से जोड़ा जाता है।