Who made siddhanam buddhanam Stotra
सिद्धाणं बुद्धाणं स्तोत्र कौन रचयो? इस विषय में स्पष्ट tikka-जैन tradition से कहे गए कारण यही है कि यह ‘नव स्मरण’ (Nav Smaran) भाग के रूप में पूजनीय स्तोत्र है और इसकी लेखक-फिल्म स्पष्ट रूप से प्राचीन Jain साहित्य में पक्का नही किया गया है। कई परंपराओं में इसे अलग-अलग आचार्यों के नाम से जोड़ा गया है, पर authoritative Jain उद्धरणों में इसके निश्चित लेखक का ठोस नाम नहीं दिया गया है। इसलिए सामान्य तौर पर कहा जाता है कि यह स्तोत्र प्राचीन जैन मुनियों/आचार्यों के कालखंड से जुड़ा एक परंपरागत पाठ है, जिसका लेखक पक्का प्रमाण के साथ निर्दिष्ट नहीं किया गया है।
- Digambara/Shvetambara परंपराओं के बीच भी भिन्न-भिन्न संस्करण और सार पाए जाते हैं, पर लेखन-स्वरूप में लेखक का एक स्पष्ट, एकमात्र नाम निर्धारित नहीं है।
यदि आप चाहें, मैं इस स्तोत्र के मूल पाठ (जैसे संस्कृत प्राकृत पाठ) और उसके अर्थ/सम्पादन के बारे में विस्तार से दे सकता हूँ, या Nav Smaran के अन्य पाठों के साथ इसकी भूमिका समझा सकता हूँ।