Vishwa bhaktambar diwas ??
Vishwa Bhaktambar Diwas नाम से Jain धर्म में कोई सार्वभौमिक, स्थापित उत्सव नहीं है। यह संभव है कि लोग Bhaktamar Stotra (भक्तामर स्तोत्र) या उससे जुड़ी आचार-परंपराओं को “Diwas/उत्सव” के रूप में समझते हों, पर स्पष्ट और सीधे तौर पर ऐसा नाम Jain पाठों में मान्य नहीं है।
- Bhaktamar Stotra भक्तामर स्तोत्र एक प्रसिद्ध Jain स्तोत्र है, जिसे आचार्य माणतुंगा ने रचित माना जाता है और यह आदिनाथ (रिशभनाथ) की महिमा का गान है. Digambar और Śvetambar दोनों कविताओं में इसका पाठ किया जाता है, भिन्न-भिन्न संस्करणों में श्लोकों की संख्या 44 (Śvetāmbara) बनाम 48 (Digambara) पाई जाती है. इस स्तोत्र के पाठ का उद्देश्य भक्ति, बाधाओं का दूर होना और आध्यात्मिक उन्नति है. अधिक जानकारी के लिए आप Bhaktamar Stotra पेज देख सकते हैं।
अगर आप किसी खास जगह, तारीख या आयोजन के बारे में पूछ रहे थे, तो कृपया थोड़ा विस्तार दें ताकि Jain‑धर्म की ठोस व्याख्या के साथ स्पष्ट उत्तर दिया जा सके।