Dhoop pooja doha
धूप पूजा के दोहे (Dhoop Puja Doha)
- धूप के दोहे: “dhUpA kA dohA ... dhUpa”
- अर्थ: धूप space और मन को शुद्ध करती है और मिथ्या विचारों को दूर कर आत्मा की पहचानों के प्रति जागरूकता बढ़ाती है.
नोट
- यह पाठ Digambar और Śvetāmbara परम्पराओं के बीच कुछ शब्दों/वाक्यों में भिन्नता के साथ प्रस्तुत होता है। पर मुख्य विचार वही रहता है: धूप का समर्पण आचार-वैषम्य को-शुद्धि और ज्ञान की ओर प्रेरित करना है।
- चाहें तो मैं किसी विशेष परम्परा (Digambar/Śvetāmbara) के अनुसार पूरा मूल पाठ और उसका स्पष्ट अर्थ दे सकता हूँ।