Acharya sayambhav mein daswakalik sutra ki rachna kis nagri mein ki
66
आचार्य सयंभव ने दसवैकालिक सूत्र की रचना "राजगृह" नगरी में की थी। यह नगरी प्राचीन मगध राज्य की राजधानी थी और जैन धर्म के इतिहास में इसका विशेष स्थान है। दसवैकालिक सूत्र श्वेताम्बर जैन आगमों का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसे आचार्य सयंभव ने चतुर्थ शताब्दी ईसा पूर्व में रचा था।