जैन धर्म में नारद लड़ाई दीप के कौन है
संशय अभी भी है कि आपका शब्दावली लगभग स्पष्ट नहीं है। “नारद लड़ाई दीप” Jain धर्म के भीतर सामान्य रूप से प्रयुक्त या मान्य विषय नहीं है। Jain शास्त्रों में नारद नाम का कोई प्रमुखigner व्यक्ति जाया नहीं है, और “लड़ाई दीप” जैसा कोई मानक विषय भी नहीं मिलता।
अगर आप किसी खास कथा, स्तोत्र या शास्त्र का संदर्भ दे सकें (जैसे कि किस ग्रंथ में, किस प्रकार की लड़ाई या दीप-उपयोग आदि), तो मैं उसी के अनुसार सही अर्थ (arth) और Digambar/Śvetāmbara दोनों पर एकदम सटीक 설명 दे दूँगा।
ध्यान दें: अगर आपका मतलब नारद से Hindu धर्म के नारद मुनि से है, तो Jain परंपरा में नारद के बारे में सामान्यतः उसे अलग नजरिए से देखते हैं; वह Jain साधनाओं का मुख्य शिक्षण नहीं है। मैं Jain Dharma के अनुसार ही स्पष्ट और सरल उत्तर दूँगा, बस कृपया संदर्भ थोड़ा साफ कर दें।