यम कौन-कौन से होते हैं
यम Jain धर्म में Dikpālाओं (दिशाओं के प्रहरी) में से एक हैं। वे दक्षिण दिशा के守守कर्ता हैं और नीचे (adho-loka) में रहते हैं। उनके प्रमुख कार्य और पहचान इस प्रकार हैं:
- स्थान: यम दक्षिण दिशा के dik-pāla हैं।
- वाहन/आभूषण: आम तौर पर वह एक भैंस (बुफालो) पर विराजमान माने जाते हैं और उनके हाथ में एक लाठि/staff होती है।
- पत्नी: उनकी पत्नी का नाम चाया (Chaaya) माना जाता है।
- भूमिका: departed soul के merits-demerits का निर्णय (judgment) करना और राह दिखाना, साथ ही दिशाओं के प्रहरी के रूप में भी काम करना।
- स्थिति में धार्मिक मतभेद: दिगंबर और श्वेताम्बर दोनों परंपराओं में यम को दक्षिणdik-pāla के रूप में मान्यता दी जाती है, लेकिन Dik-pāla समूह के सभी नाम और सात्विक विशिष्टताएं (जैसे कुछ दिशाओं के अन्य पाले) कुछ ग्रंथों में भिन्न मिलते हैं। फिर भी यम सामान्यतः दक्षिण का सबसे प्रसिद्द dik-pāla माना जाता है और दोनों परंपराओं में उसकी उपस्थिति स्वीकार्य है।
संदर्भ और संरचना के बारे में संक्षेप:
- Jain परंपराओं में dik-pālas एक सामान्य समूह हैं और इनमें यम दक्षिण के प्रमुख सदस्य के रूप में पूजे जाते हैं। उनके बारे में विस्तृत विवरण ज्यादातर जैन-पनथन आदि ग्रंथों में मिलता है, और कई पाठ विभिन्न स्थितियों के अनुसार थोड़ा-बहुत भिन्न हो सकते हैं।
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