वृहद शांतिधारा हिंदी में पूर्ण अर्थ सहित
वृहद शांतिधारा क्या है?
- शांतिधारा का अर्थ है “शांति की प्रार्थना”। वृहद शांतिधारा वह प्रसिद्ध, विस्तृत आर्तनालिका (पुण्य पाठ) है जिसमें भक्त शांति के लिए एक बड़ा, पूर्ण पाठ करते हैं।
- यह प्रायः मंगलाष्टक, जलाभिषेक आदि के बाद किया जाता है और समष्टि (सर्व जीवों) के कल्याण, शान्ति और वातावरण की शुद्धता की कामना से पढ़ा जाता है।
- उद्देश्य: संसार में हर प्राणी के लिए शांति, संतोष और अहिंसा की भावना को बनाए रखना; जड़-verte और चेतन दोनों प्रकार के कर्मों के विनाश/विकास से रहित जीवन की ओर प्रेरित होना।
संप्रदाय अनुसार थोड़ा अंतर (Digambar बनाम Śvetāmbar)
- शांतिधारा के मूल भाव में दोनों प्रवृत्तियों (Digambar и Śvetāmbara) में समान शांति-भाव है, पर पाठ के शब्दावली, पाठ-क्रम या प्रतिनिध पाठ में भिन्नता हो सकती है।
- कुछ समुदायों में वृहद शांतिधारा विशेष तीर्थंकर या दिन के विशिष्ट दिन के लिए निर्धारित विविध पाठों के साथ पढ़ी जाती है; कुछ जगहों पर यह अभिषेक/आरती के साथ जोड़ी जाती है।
- सामान्यतः इसे शांति, संयम और अहिंसा के उच्च आदर्शों के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
संक्षेप में अर्थ
- वृहद शांतिधारा = बड़ी शांति-प्रार्थना, जिसमें सम्पूर्ण संसार की शांति, जीव-जन्तु के कल्याण और अहिंसापरक जीवन के लिए प्रार्थना की जाती है; मन, वचन और कर्म से शुद्धि और शांतिपूर्ण बाकी जीवन के लिए आशीर्वाद माँगा जाता है।
नोट
- अगर आप चाहें, मैं इस मंत्र/पाठ का शास्त्रीय पाठ (हिंदी अनुवाद समेत)Digambar और Śvetāmbar पर निर्भर अलग-अलग संस्करणों के साथ दे सकता हूँ।