Can we do puja on darshniya Pratima
हाँ, darshniya (darshaniya) pratima पर puja करना संभव है. Jain tradition में pratima को दर्शन के योग्य माना जाता है, और कई जगह इन प्रतिमाओं पर पूजन (puja) भी किया जाता है—जिसमें नींव की पुष्टि के अनुसार अर्चना, फूल, जल, दीपक आदि अर्पण और आरती शामिल हो सकती है. Darshaniya का मतलब होता है जिसे देखने से लाभ हो और पूजा एक अतिरिक्त, श्रद्धास्पद संस्कार के रूप में किया जा सकता है।
- Darshaniya_pratima और Pujaniya_pratima: कुछ रीतियों में बतलाया गया है कि pratima पहले “darshaniya” होती है, और कुछ परिस्थितियों में वह “pujaniya” भी मानी जाती है—यानी उसकी पूजा भी की जा सकती है. यह दृष्टिकोण खास तौर पर Digambar और Shwetambar परंपराओं में थोड़ा-बहुत भिन्न हो सकता है.
- Digambar बनाम Shwetambar में भिन्नता: Digambar समुदाय में प्रतिमा की daily puja अनिवार्य नहीं मानी जाती और कई जगह समुदाय स्वयं तय करता है कि puja कब और कैसे हो; जबकि कुछ Shwetambar मंदिरों में प्रतिमा की पूजा के नियमित नियम अधिक स्पष्ट होते हैं औरarti, दीप, फुल आदि की सामान्य पूजा की जाती है. (इन मतभेदों को समजाते समय Darshan और Puja की भूमिका अलग-अलग परंपरा में कैसे निभती है, देखें.)
ध्यान रखें:
- शांत-स्वच्छता और मंगल-स्वागत जैसी योग्यताओं के साथ दर्शन और पूजा करें।
- अगर आप किसी खास संस्था/समुदाय के बारे में पूछ रहे हैं, तो उनके नियमों के अनुसार ही कार्य करें।