Tell me about yugbhusan suriji
युगभूषण सुरिजी (युगभूषण Suri)
- पूरा नाम और प्रकार: श्री Yugbhushan Suri जी, Śvētāmbara Jain परंपरा के आचार्य। वे जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के उच्च आचार्य मान्य हैं और महावीर स्वामी के कुल-उत्तराधिकारी माने जाते हैं। उनके भक्त उन्हें धार्मिक गुरु और गच्छाधिपति के रूप में मानते हैं।
- जन्म और नाम: जन्म नाम Naveen Khimji Mota था; जन्म तिथि 26 अक्टूबर 1957।
- दीक्षा और आरंभिक जीवन: 29 अप्रैल 1979 को मुनि-जीवन में प्रवेश किया।
- आचार्य पद: 23 अप्रैल 2008 को देवलाली (Deloli/Deolali) में आचार्य पद पर नियुक्ति हुई।
- गच्छाधिपति पद: 4 फरवरी 2020 को Mohjit Vijayji संप्रदाय के गच्छाधिपति के रूप में Coronation (दीर्घ पदोन्नति) हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सन्न्यासियों ने आचार्य को सम्मानित किया।
- कार्य और योगदान: Jyot नामक संस्था के आध्यात्मिक नेता हैं और Jain धर्म के प्रसार के लिए कई गतिविधियों में संलग्न रहते हैं। Shikharji आंदोलन (2018) जैसी पहलों में उनका अहम योगदान रहा, तथा कोविड-19 के समय Save Humanity Campaign जैसे कार्यक्रमों का समर्थन किया गया। उनकी शिक्षाएं आधुनिक समय के संदर्भ में Jain दर्शन के मूल सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह आदि—पर केंद्रित रहती हैं।
- दिगंबर/श्वेतांबर के भीतर स्थिति: वे Śvētāmbara संप्रदाय से हैं।
- आधुनिक संदर्भ: उनके बारे में मीडिया और Jain समुदाय में उनकी विचारधारा और नेतृत्व के बारे में कई खबरें और सारथी उपलब्ध हैं, जिनमें उनकी दीक्षा-उन्नति और गच्छाधिपती पद के बारे में विवरण आता है।
यदि आप चाहें, मैं उनके बारे में Digambar बनाम Śvetāmbara में होने वाले विभिन्न मतों के मूल्यांकन और उनके प्रवचन/कार्यक्रमों के सरल सार भी दे सकता हूँ।