9 drashtant durlabh na naam
जैन धर्म अनुसार, "नव दृष्टान्त दुर्लभ" (९ दृष्टान्त दुर्लभ) वे विशेष दुर्लभ अवस्थाएँ हैं, जहाँ जीव को जैन धर्म का सच्चा मार्ग मिलना अत्यंत कठिन होता है। ये ९ दुर्लभ दृष्टान्त निम्नलिखित हैं:
- नारक दुर्लभ (नरक गति में जन्म)
- तिर्यंच दुर्लभ (तीर्यंच यानी पशु-पक्षी आदि योनियों में जन्म)
- मूक दुर्लभ (गूंगे, बहरे, अंधे आदि)
- बलिक दुर्लभ (बाल अवस्था में मृत्यु)
- द्वीप दुर्लभ (अजैन देशों या द्वीपों में जन्म, जहाँ धर्म नहीं है)
- दुराचार दुर्लभ (बहुत दुष्ट और पापी प्रवृत्ति)
- मिथ्यादृष्टि दुर्लभ (मिथ्यात्व, अर्थात् गलत दर्शन या आस्था)
- अलब्ध दुर्लभ (अलब्धि, ज्ञान की शक्ति का अभाव)
- दुर्बुद्धि दुर्लभ (कम बुद्धि या मूर्खता)
इन ९ दृष्टान्तों में फँसा जीव सही धर्म और मोक्ष मार्ग को नहीं पा सकता। जिनको "नव दृष्टान्त दुर्लभ" कहा जाता है, इनसे बचना और मनुष्य जीवन में सच्चे धर्म का लाभ लेना जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।